काफिला हो न हो तुम्हें चलना होगा
रौशनी के लिए मोम-सा पिघलना होगा ।
यह जुबां क्या बयाँ करेगी हाले-दिल
इस दर्द को खुद जुबां बनना होगा ।
तुम हौंसला न हारो , एक दिन वक्त को
ख़ुद तुम्हारे सांचों में ढलना होगा ।
बस शर्त यही है , चेहरा खिला रहे
चमन में गुंचों को तो खिलना होगा ।
अँधेरा हो न जाए हावी , इसके लिए
चिरागों को रात भर जलना होगा ।
थकान का बहाना न बनाओ ' विर्क '
मंज़िल पाने के लिए बस चलना होगा ।
दिलबाग विर्क
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