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गुरुवार, अगस्त 01, 2013

तहजीब

साफ दिल है और सीधी बात करता हूँ
मुझे तेरे शहर की तहजीब नहीं आती ।

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मंगलवार, जुलाई 30, 2013

मुझे माफ करना

अगर तलवार के हक़ में हो जाऊँ तो मुझे माफ करना
कलम को हर रोज हारते देखकर बहुत बेचैन हूँ मैं ।

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सोमवार, जुलाई 29, 2013

कहकहों का शोर

कहकहों का शोर आज फिर गूँजा फिजा में यारो 
किसी ने दिल तोड़ा है या कोई दर्द छुपा रहा है ।

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शुक्रवार, जुलाई 26, 2013

इश्क़

खुद को हारना इश्क़ की पहली शर्त थी मगर
हमने सीखा था, लड़ते रहो जब तक जीत न हो ।

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गुरुवार, जुलाई 25, 2013

दोस्त - दुश्मन

गलतफहमियों का शिकार तुम भी रहे और मैं भी
तुम मेरे दोस्त कब थे, मैं तेरा दुश्मन कब था ।

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शुक्रवार, जुलाई 19, 2013

गिला

तुझे अपने करीब महसूस करता हूँ मैं
तू मुझसे दूर है तो भी इसका गिला नहीं । 

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गुरुवार, जुलाई 18, 2013

चुप्पी

बड़ा मुश्किल होता है किसी को सुनना 
चुप्पी बाहर ही नहीं, भीतर भी चाहिए ।

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शनिवार, जुलाई 13, 2013

चुप्पी

बड़ा मुश्किल होता है किसी को सुनना 
चुप्पी बाहर ही नहीं, भीतर भी चाहिए ।

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शुक्रवार, जुलाई 12, 2013

खुशबू

जेहन के दरवाजे पर लाख लगाओ नफरत की साँकलें 
मुहब्बत एक खुशबू है यारो, ये भीतर आकर रहेगी ।

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बुधवार, जुलाई 10, 2013

फलसफ़ा

यह सच है, करने से होता है बहुत कुछ मगर 
एक ही फलसफ़ा जिन्दगी में चलता कब है । 

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सोमवार, जुलाई 08, 2013

दौलत के अम्बार

बताओ, दौलत के अम्बार लगाकर तुम क्या करोगे 
वो दौलत से नहीं मिलता, जो मिलता है मुहब्बत से । 

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रविवार, जुलाई 07, 2013

मैखाने चल

दिल के जख्मों का होता है वहीँ ईलाज
घर का रास्ता छोड़कर चल मैखाने चल

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शुक्रवार, जुलाई 05, 2013

जख्म

ऐ दिल मुहब्बत का खेल खेलने से परहेज कर
अभी तूने सीखा नहीं जख्म खाकर संभलना ।

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शुक्रवार, जून 21, 2013

औक़ात

जो हुआ उसको सही कहने से लरजता है दिल
तुझे गलत कह दूँ इतनी मेरी औक़ात नहीं ।

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रविवार, जून 16, 2013

बारिश

दिल का जलना जारी है बारिश की बौछारों में
ये उदासियों भरी शाम मेरे हिस्से में क्यों है ? 

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सोमवार, जून 10, 2013

राज

मैं तुझे रुसवा करूँगा, ऐसा सोचता क्यों है

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बुधवार, मई 22, 2013

दिल की धरा



जो दे सके साया, ऐसा कोई दरख्त ही नहीं 
गम के आफताब से झुलस रही है दिल की धरा

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मंगलवार, मई 21, 2013

सपनों की उड़ान



तब बे ' मानी हो जाती है सपनों की उड़ान
जब इनका जमीं से कोई वास्ता नहीं होता । 

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सोमवार, मई 20, 2013

जिद्द



हम बड़े हैं, झुकना नहीं झुकाना है काम हमारा
इस जिद्द के चलते दिन-ब-दिन छोटे होते चले गए ।

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रविवार, मई 19, 2013

दिल



सब जख्मों को भर जाना होता है, यही सोच थी मेरी
अब गलती का हो रहा है अहसास इस दिल को देखकर । 

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