गुरुवार, जून 21, 2012

अग़ज़ल - 42

  इबादत करना चाहता हूँ , मुझे कोई खुदा चाहिए 
  लुटा सकूं जिस पर अपनी वफा, ऐसा बा-वफा चाहिए ।


  ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए 
  कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए ।


  हंसने का हुनर हावी होगा हर ला-इलाज मर्ज पर 
  वो आजमाए इसे , जिसे दर्दे-जिगर की दवा चाहिए ।


  तंगदिली के बादल छाए हैं मुहब्बत के आसमान पर 
  उडा ले जाए जो वहमों-रस्मों को वो हवा चाहिए ।


  खामोशियों का ओढकर नकाब बोलना सीख रहा हूँ 
  जो दिल को छू लेकर जाकर ऐसी कोई सदा चाहिए ।


  माना कि बुरा हूँ मैं मगर मुहब्बत से खाली नहीं 
  यकीं दिला सकता हूँ बस मौका एक मरतबा चाहिए ।


  कुछ नहीं मिलता दौलत- शौहरत के पीछे दौडकर 
  गर विर्क सकूं मिले दिल को तो और भला क्या चाहिए ।
    
                         ***************


    

14 टिप्‍पणियां:

expression ने कहा…

बहुत खूब................

लाजवाब शेर कहे हैं...

अनु

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत खूब,
मगर ये तो मुकम्मल गजल है!
सभी शेर बहुत बढ़िया हैं।

ZEAL ने कहा…

ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए
कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए ...

Awesome..

.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (23-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!

अजय कुमार झा ने कहा…

वाह सब की सब बहुत ही सुंदर और दिल तक पहुंचने वाली हैं । बहुत ही प्रभावी

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए
कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए

बहुत खूब .... सुंदर गजल

निर्मला कपिला ने कहा…

ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए
कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए ।
bahut khoob

amrendra "amar" ने कहा…

खामोशियों का ओढकर नकाब बोलना सीख रहा हूँ
जो दिल को छू लेकर जाकर ऐसी कोई सदा चाहिए ।
dil ko chu gaye alfaj

दिगम्बर नासवा ने कहा…

ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए
कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए ..

पथरीले रास्तों पे चलने की चाह हो तो रास्ता मिल जाता है ... लाजवाब शेर है ...

Suman ने कहा…

nice

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

उम्दा शेर ...बहुत खूब

सदा ने कहा…

ता उम्र चलने की तमन्ना है और चलने के लिए
कंटीला-पथरीला जैसा भी हो बस रास्ता चाहिए ...
वाह ... बहुत खूब ।

संजय भास्कर ने कहा…

लाजवाब शेर है बहुत खूब

Anupama Tripathi ने कहा…

सुंदर शायरी ...हर शेर लाजवाब ...
शुभकामनायें.

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