गुरुवार, जुलाई 26, 2012

अग़ज़ल - 43

              जिन्दगी को पिरोना चाहता हूँ ग़ज़ल में 
              भटक रहा हूँ मैं , इस तलाशे-साहिल में ।


              कामयाब होकर लोग खुद बदल जाते हैं 
              वरना कब नशा होता है मंजिल में ।


              अगर पत्थर दिल है वो तो भी क्या है 
              दिल जैसा कुछ तो होगा उसके दिल में ।


              शायद मिले मुझे मौका कुछ कहने का 
              अभी तक जले है शमां उनकी महफिल में ।


              आदमियों में कातिलों को क्या ढूंढना 
              आदमी ढूंढता हूँ मैं हर कातिल में ।


              मुहब्बत ने विर्क ये हुनर सिखा दिया 
              मजा आने लगा है अब हर मुश्किल में ।


                           ***********

15 टिप्‍पणियां:

ANULATA RAJ NAIR ने कहा…

बेहतरीन.....
दाद हाज़िर है...

सादर
अनु

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

वाह बहुत खूब

डा. गायत्री गुप्ता 'गुंजन' ने कहा…

कामयाब होकर लोग खुद बदल जाते हैं
वरना कब नशा होता है मंजिल में ।

बेहतरीन...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

उम्दा असआरों के साथ सजी हुई बेहतरीन ग़ज़ल!

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

Nice.

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

आदमियों में कातिलों को क्या ढूंढना
आदमी ढूंढता हूँ मैं हर कातिल में ।

गहन अनुभूतियों और दर्शन से परिपूर्ण इस ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई...

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

कामयाब होकर लोग खुद बदल जाते हैं
वरना कब नशा होता है मंजिल में ।

बहुत खूब ...बेहतरीन गज़ल

Aruna Kapoor ने कहा…

..बहुत्त ही बढ़िया रचनाएँ.....सुन्दर प्रस्तुति!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (29-07-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

बहुत खूब....

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

वाह! ख़ूब

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

बेहतर शैर ..
कामयाब होकर लोग खुद बदल जाते हैं
वरना कब नशा होता है मंजिल में ।

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

मुहब्बत ने विर्क ये हुनर सिखा दिया
मजा आने लगा है अब हर मुश्किल में ।

वाह, शनदार गज़ल में ज़िंदगी का फलसफा लिख दिया.

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

अगर पत्थर दिल है वो तो भी क्या है
दिल जैसा कुछ तो होगा उसके दिल में ।

wah...!! itne pyare shabd!!!

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बहुत खूब !
मुह्ब्बत कर हुनरमन्द हो गया है दिलबाग
कि़सी भी मुश्किल में रहेगा अब वो आबाद !

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...