बुधवार, अगस्त 24, 2016

रंग

 
हरे, लाल, पीले 
गुलाबी, उनाबी 
रंग ही तो रंगीन करते हैं
जीवन को 

चेहरे पर लगे रंगों से 
खिल उठते हैं चेहरे 
मगर चेहरों पर 
रंग सिर्फ़ लगाया नहीं जाता 
चेहरे खुद भी रंग बदलते हैं 

चेहरों का रंग बदलना 
बेरंग करता है रिश्तों को 
रंग बदलते चेहरों के बीच 
रिश्तों का बेरंग हो जाना 
सबसे बड़ी त्रासदी है 
इस युग की |

दिलबागसिंह विर्क
*****

2 टिप्‍पणियां:

संगीता पूरी ने कहा…

सच है रिश्तों का बेरंग होना बहुत बड़ी त्रासदी है आज की।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (27-08-2016) को "नाम कृष्ण का" (चर्चा अंक-2447) पर भी होगी।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...