सोमवार, मई 16, 2011

अगज़ल - 18

   रोते हुए चेहरों पर बनावटी मुस्कान 
  आज के आदमी की, बस यही पहचान ।
  कैसी बेबसी लिख दी खुदा ने तकदीर में 
  पिंजरे में रहकर भरना सपनों की उड़ान ।

  लफ्जों के सिवा कुछ फर्क नहीं इनमें बस 
  एक चीज़ के दो नाम हैं - इंसान , हैवान ।

  अपनी ताकत का लोहा मनवाया उससे 
  जब कभी किसी को मिला कोई बेजुबान ।

  अहसान फरामोशी फितरत है जमाने की 
  गर खुश रहना है तो छोडो करना अहसान ।

  अब वक्त नहीं रहा हर किसी पे ऐतबार का
  मगर ' विर्क ' तुम रहे सदा नादान के नादान ।

दिलबाग विर्क 
 * * * * *

15 टिप्‍पणियां:

वीना ने कहा…

कैसी बेबसी लिख दी खुदा ने तकदीर में
पिंजरे में रहकर भरना सपनों की उड़ान

एहसान फरामोश होना तो जमाने की फितरत है फिर भी एहसान समझ कर न सही सहायता समझकर तो करना ही चाहिए...
बहुत अच्छे भाव....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

दिल को छूती हुई बढ़िया गजल!

डॉ. हरदीप संधु ने कहा…

बढ़िया गजल ...
अहसान फरामोशी फितरत है जमाने की
गर खुश रहना है तो छोडो करना अहसान ....
सुन्दर तथा गहरे भाव !

संजय भास्कर ने कहा…

आपने बड़े ख़ूबसूरत ख़यालों से सजा कर एक निहायत उम्दा ग़ज़ल लिखी है।

मदन शर्मा ने कहा…

गम्भीर वैचारिक सोच से उद्भूत एक सुंदर कविता !
आपको मेरी हार्दिक शुभ कामनाएं !

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

नए चर्चा कार के मंच पर आपका स्वागत है जनाब !खुबसुरत कलाम है

रश्मि प्रभा... ने कहा…

अपनी ताकत का लोहा मनवाया उससे
जब भी कभी किसी को मिला कोई बेजुबान .
yahi hota aaya hai

shikha varshney ने कहा…

अहसान फरामोशी फितरत है जमाने की
गर खुश रहना है तो छोडो करना अहसान
क्या बात कही है.बिना स्वार्थ किसी के लिए कुछ करने में जो खुशी मिलती है उसका कोई जोड़ नहीं.

Kunwar Kusumesh ने कहा…

अब वक्त नहीं रहा हर किसी पे ऐतबार का......100% correct.

Udan Tashtari ने कहा…

वाह, क्या खूब कहा!!

Shraddha ने कहा…

खुबसुरत कलाम ...

prerna argal ने कहा…

अहसान फरामोशी फितरत है जमाने की
गर खुश रहना है तो छोडो करना अहसान .

अब वक्त नहीं रहा हर किसी पे ऐतबार का
मगर ' विर्क ' तुम रहे सदा नादान के नादान .aaj ke jamaane ki sachchi bayaan karati hui.adbhut rachanaa.badhaai aapko.


please visit my blog and leave a comments also.aabhaar.

Rajey Sha राजे_शा ने कहा…

खूबसूरत "आगज़ल"।

वन्दना ने कहा…

बेह्द उम्दा और दिल को छू जाने वाली गज़ल्।

बेनामी ने कहा…

लफ्जों के सिवा कुछ फर्क नहीं इनमें बस
एक चीज़ के दो नाम हैं - इंसान , हैवान .
poori gazal kabiletareef hai...
bahut khoob !

***punam***
bas yun...hi..

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