रविवार, नवंबर 27, 2011

कविता - 16

                            निर्णय के क्षण
कर्ण की कशमकश से सम्बन्धी कविता छः किश्तों में इसी ब्लॉग पर प्रस्तुत की गई थी. यह कविता इसी शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक में प्रकाशित है. इस पुस्तक को हरियाणा साहित्य अकादमी से 7500 रु का अनुदान मिला था. मेरे निजी विचारानुसार यह कविता अनुदान मिलने का प्रमुख कारण थी. सभी भागों पर मिली प्रतिक्रियाओं ने इस विचार को पुष्ट किया है. जो इसे नहीं पढ़ पाए या जो इसे इकट्ठा पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए इसके सभी लिंक यहाँ पर प्रस्तुत हैं.

* * * * *

3 टिप्‍पणियां:

Kailash C Sharma ने कहा…

सभी भागों को एक साथ पढने का आनंद कुछ अलग ही रहा...बहुत उत्कृष्ट रचना ....आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
हमने सभी कड़िया बाँच लीं हैं!

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति

Gyan Darpan
.

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...