शनिवार, दिसंबर 31, 2011

हो मुबारिक साल नया

नव  जीवन  की  आस  ले , आया है नव वर्ष 
माहौल  बने  शान्ति  का , फैले  हर-सू  हर्ष ।
फैले  हर - सू  हर्ष , यही  कोशिश  हो  सबकी 
सुधरें कुछ हालात, मिले न किसी को धमकी ।
संभव  है  बदलाव , अगर  ठानें  सबका  मन 
नए वर्ष के साथ , करें शुरू हम नव जीवन ।

* * * * *

साल  नया  है  आ  गया , मनाओ  भले  जश्न 
पर सुधरें हालात  भी , कुछ करना तुम यत्न ।
कुछ करना तुम यत्न, पथ प्रगति का अपनाएं 
फैलाएं  सद्भाव  ,  वैर   भाव   सब   मिटाएं ।
कर  आगे  का  ध्यान , भुला दे जो बीत गया 
कहता  सबसे  विर्क, हो मुबारिक साल नया ।

* * * * *

4 टिप्‍पणियां:

Kunwar Kusumesh ने कहा…

बढ़िया है.
नए वर्ष के अवसर पर यही कह सकता हूँ कि:-

नया साल लो आ गया,गया पुराना साल.
खुशियों से कर जाए ये,तुमको मालामाल.

संजय भास्कर ने कहा…

नव वर्ष पर सार्थक रचना
नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

शुभकामनओं के साथ
संजय भास्कर

sangita ने कहा…

navvarsh ki shubhkamnayen.

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

nav varsh mangalmay ho.

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